2000 करोड़ सिंडिकेट पर ED का शिकंजा: बिलासपुर से दुर्ग तक ताबड़तोड़ रेड, कई कनेक्शन खंगाले जा रहे


बिलासपुर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई ने गुरुवार सुबह हड़कंप मचा दिया, जब टीम ने शहर के चर्चित सर्राफा कारोबारी विवेक अग्रवाल के ठिकानों पर दबिश दी। मैग्नेटो मॉल के पीछे साईं मंदिर के पास स्थित उनके आवास और मध्यनगरी चौक स्थित श्रीराम ज्वेलर्स में एक साथ जांच शुरू की गई। बंद कमरे में चल रही इस ‘साइलेंट ऑपरेशन’ में दस्तावेज, डिजिटल डिवाइस और बड़े लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

भारतमाला से शराब सिंडिकेट तक कनेक्शन
कार्रवाई का तत्काल कारण भारतमाला प्रोजेक्ट के दौरान जमीन अधिग्रहण में कथित गड़बड़ी बताया जा रहा है, लेकिन जांच का दायरा इससे कहीं बड़ा नजर आ रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जमीन सौदों से लेकर शराब घोटाले तक कई स्तरों पर कनेक्शन की परतें खोली जा रही हैं। करीब 2000 करोड़ रुपये के संदिग्ध सिंडिकेट की जांच ED के रडार पर है।
बंद कमरे में जांच, क्या मिला—सस्पेंस बरकरार
पूरी कार्रवाई बेहद गोपनीय तरीके से बंद कमरे में चल रही है। अब तक आधिकारिक रूप से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि जांच में क्या-क्या मिला है। हालांकि, दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच जारी है, जिससे बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है। शहर में इस कार्रवाई को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
दुर्ग में भी ED की दबिश
इसी कड़ी में दुर्ग के महेश कॉलोनी में बिल्डर और ‘राम रसोई’ संचालक चतुर्भुज राठी के घर भी ED ने छापा मारा है। यहां भी टीम वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की जांच में जुटी हुई है।
बड़ा नेटवर्क निशाने पर
बिलासपुर और दुर्ग में एक साथ हुई इस कार्रवाई से साफ संकेत मिलते हैं कि ED किसी बड़े नेटवर्क और संगठित सिंडिकेट को तोड़ने की दिशा में काम कर रही है। आने वाले समय में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है

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