नारायणपुर। अबूझमाड़ की दुर्गम पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच बसे ओरछा विकासखंड के थुलथुली पंचायत का आश्रित ग्राम हितुल अब राहत की सांस ले रहा है। वर्षों से बुनियादी सुविधाओं से जूझ रहे इस गांव के लिए सबसे बड़ी चुनौती सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) का लाभ पाना था।
अब तक ग्रामीणों को राशन लेने के लिए करीब 30 किलोमीटर दूर ओरछा तक कठिन रास्तों से होकर जाना पड़ता था। यह सफर खासकर बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बेहद मुश्किल और जोखिम भरा साबित होता था।
जिले की कलेक्टर नम्रता जैन की पहल पर प्रशासन ने इस समस्या का समाधान निकालते हुए पहली बार ट्रैक्टरों के जरिए सीधे गांव तक राशन पहुंचाया। गांव में आयोजित ‘चावल उत्सव’ के दौरान जब खाद्यान्न वितरण शुरू हुआ, तो ग्रामीणों के चेहरों पर खुशी साफ नजर आई।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन नीति और जिला प्रशासन के प्रयासों से अब हितुल के 271 राशन कार्डधारी परिवारों को गांव में ही खाद्यान्न उपलब्ध हो रहा है। इससे उन्हें लंबी दूरी तय करने की मजबूरी से मुक्ति मिली है और समय की भी बचत हो रही है।
जिला खाद्य अधिकारी अलाउद्दीन खान के मुताबिक, प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ राशन पहुंचाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां विकास में बाधा न बनें। हितुल में राशन की यह पहल इस बात का संकेत है कि अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्र भी धीरे-धीरे मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
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