धमतरी में आयुर्वेद के नाम पर एलोपैथिक इलाज का खेल?

धमतरी। जिले के ग्राम पंचायत गुजरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आयुर्वेदिक उपचार के नाम पर कथित रूप से एलोपैथिक दवाओं के उपयोग और बिक्री का खेल चल रहा है। “नव्या आयुष पंचकर्म” नाम से संचालित एक क्लीनिक के संचालक डॉक्टर सी.एस. साहू और ए.एस. साहू पर गंभीर आरोप लगे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, क्लीनिक में मरीजों को आयुर्वेदिक उपचार का दावा किया जाता है, लेकिन जब पर्चियां दी जाती हैं तो उनमें एलोपैथिक दवाओं के नाम लिखे होते हैं। इससे न केवल मरीजों में भ्रम की स्थिति बन रही है, बल्कि इलाज की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इसी क्लीनिक से जुड़ी एक दवा दुकान भी संचालित की जा रही है, जहां उन्हीं दवाओं की बिक्री की जा रही है जो पर्चियों में लिखी जाती हैं। इससे आर्थिक लाभ के उद्देश्य से मरीजों को गुमराह करने की आशंका भी जताई जा रही है।
❗ ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग
इस मामले ने गांव में आक्रोश और चिंता दोनों पैदा कर दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आयुर्वेद के नाम पर उनके विश्वास के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और आर्थिक शोषण भी हो रहा है।
⚖️ नियम क्या कहते हैं?
भारत में Ministry of AYUSH के नियमों के अनुसार आयुर्वेदिक चिकित्सकों को सीमित परिस्थितियों में ही एलोपैथिक दवाएं देने की अनुमति होती है (वह भी राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के तहत)। यदि बिना अनुमति या गलत तरीके से एलोपैथिक दवाओं का उपयोग किया जा रहा है, तो यह नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।
❓ बड़ा सवाल
अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या संबंधित स्वास्थ्य विभाग को इस पूरे मामले की जानकारी है? यदि हां, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? और यदि नहीं, तो क्या अब जांच कर सख्त कदम उठाए जाएंगे?

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