पश्चिम बंगाल। कल तक जो हाथ दूसरों के घरों में बर्तन और फर्श साफ करते थे, आज उन्हीं हाथों में जनता ने अपनी किस्मत की चाबी सौंप दी है। West Bengal के ऑसग्राम विधानसभा क्षेत्र से आई यह खबर किसी फिल्मी कहानी जैसी लग सकती है, लेकिन यह भारतीय लोकतंत्र की सशक्त हकीकत है।
महीने के महज 2,500 रुपये कमाने वाली घरेलू कामगार Kalita Maji ने तमाम राजनीतिक दिग्गजों और संसाधनों की कमी को पीछे छोड़ते हुए विधानसभा तक का सफर तय कर लिया। Bharatiya Janata Party ने उन्हें अपना उम्मीदवार बनाया और जनता ने भरोसा जताते हुए विधायक बना दिया।
कौन हैं कलिता माजी?
कलिता माजी ऑसग्राम (एससी) सीट से नवनिर्वाचित विधायक हैं। राजनीति में आने से पहले वे पिछले दो दशकों से घरेलू कामगार के रूप में काम कर रही थीं। 2-4 घरों में साफ-सफाई और बर्तन मांजकर वे हर महीने करीब 2,500 रुपये कमाती थीं और उसी से अपने परिवार का भरण-पोषण करती थीं।
12000 से ज्यादा वोटों से जीत
कलिता माजी ने ऑसग्राम सीट से 12,535 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की। उन्होंने All India Trinamool Congress के उम्मीदवार श्यामा प्रसन्ना लाहौर को हराया। माजी को कुल 1,07,692 वोट मिले। उन्होंने घर-घर जाकर प्रचार किया, जिसकी बदौलत जनता ने उन्हें बड़ी जीत दिलाई।
पहले भी मिल चुका था मौका
कलिता माजी पर बीजेपी ने 2021 के विधानसभा चुनाव में भी भरोसा जताया था। उस समय उन्हें करीब 41% वोट मिले थे, लेकिन वे लगभग 12,000 वोटों से हार गई थीं। पिछले 10 सालों से वे राजनीति में सक्रिय हैं और उन्होंने अपने सफर की शुरुआत बूथ-स्तर की कार्यकर्ता के रूप में की थी, साथ ही पंचायत चुनाव भी लड़ा था।
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