भटगांव थाना से आरक्षक खिलावन बघेल के हटते ही अवैध महुआ शराब पर बड़ी कार्रवाई, क्षेत्र में उठे कई सवाल
भटगांव/सारंगढ़-बिलाईगढ़। थाना भटगांव में पूर्व पदस्थ रहे आरक्षक खिलावन बघेल को लाइन अटैच किए जाने के बाद क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार लंबे समय से क्षेत्र में हाथ भट्ठी महुआ शराब का अवैध कारोबार संचालित हो रहा था, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। हालांकि इन आरोपों की अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही कोई प्रत्यक्ष प्रमाण सार्वजनिक रूप से सामने आया है।
इसी बीच दिनांक 18 मई 2026 को भटगांव पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सलिहाघाट स्थित नर्सरी परिसर में एक व्यक्ति अवैध रूप से हाथ भट्ठी की कच्ची महुआ शराब रखकर बिक्री कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल रेड कार्रवाई की।
छापेमारी के दौरान आरोपी बरतराम यादव पिता हेतुराम यादव, उम्र लगभग 40 वर्ष, निवासी ग्राम सलिहाघाट थाना भटगांव जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से लगभग 09 लीटर हाथ भट्ठी की कच्ची महुआ शराब बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 1800 रुपये बताई गई है।
पुलिस ने मौके पर शराब को जब्त कर आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया। उक्त धारा के अंतर्गत अवैध रूप से शराब का संग्रहण, परिवहन एवं बिक्री करना गंभीर अपराध माना जाता है, जिसमें कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पूरी कार्रवाई में उप निरीक्षक शिव कुमार धारी, प्रधान आरक्षक एकराम सिदार, प्रधान आरक्षक श्रवण बरिहा, आरक्षक राहुल खूंटे, कमल कुर्रे, हेमंत जटवार सहित समस्त थाना स्टाफ की विशेष भूमिका रही।
घटना के बाद क्षेत्र में यह चर्चा भी जोरों पर है कि आरक्षक खिलावन बघेल के लाइन अटैच होने के तुरंत बाद पुलिस को लगातार अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ सफलता मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पहले से इसी तरह की सख्त कार्रवाई होती तो क्षेत्र में अवैध महुआ शराब के कारोबार पर पहले ही अंकुश लगाया जा सकता था।
हालांकि आरक्षक खिलावन बघेल के खिलाफ लगाए जा रहे आरोप फिलहाल केवल चर्चाओं और स्थानीय सूत्रों पर आधारित हैं। प्रशासन अथवा पुलिस विभाग द्वारा इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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