बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सामने आए 1.90 करोड़ रुपये की जमीन ठगी मामले में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पीड़ित महिला के अनुसार आरोपी अंकित एक्का ने सुनियोजित तरीके से विश्वास हासिल कर जमीन अपने नाम करवा ली, लेकिन तय राशि का भुगतान नहीं किया।
ऐसे रची गई पूरी साजिश
महिला ने पुलिस को बताया कि अंकित एक्का ने जमीन खरीदने का प्रस्ताव रखा और भुगतान की गारंटी देने के नाम पर कुछ ब्लैंक चेक सौंपे। आरोपी ने भरोसा दिलाया कि जल्द ही पूरी रकम बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी जाएगी। उसकी बातों पर विश्वास कर महिला ने जमीन की रजिस्ट्री उसके नाम पर करा दी।
रजिस्ट्री के दौरान तैयार किए गए सरकारी दस्तावेजों में चार चेक नंबरों का उल्लेख भी किया गया, जिससे सौदा वैध और सुरक्षित प्रतीत हो। लेकिन बाद में जांच में सामने आया कि जिन चेक नंबरों का उल्लेख किया गया था, वे फर्जी थे। आरोप है कि आरोपी ने कोई वैध चेक दिया ही नहीं था और केवल कागजी औपचारिकताओं का सहारा लेकर जमीन अपने नाम करवा ली।
रजिस्ट्री के बाद बदले तेवर
जमीन अपने नाम होते ही आरोपी का रवैया बदल गया। महिला जब तय रकम की मांग करने लगी तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। काफी समय तक भुगतान नहीं मिलने और खुद को ठगा महसूस करने पर महिला ने सिविल लाइन थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने दर्ज की FIR
शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी अंकित एक्का के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब पुलिस दस्तावेजों, बैंकिंग रिकॉर्ड और रजिस्ट्री प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
बड़ा सवाल
यदि रजिस्ट्री दस्तावेजों में दर्ज चेक नंबर वास्तव में फर्जी थे, तो यह गंभीर अनियमितता कैसे नहीं पकड़ी गई? इस मामले की जांच में आने वाले खुलासे कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब दे सकते हैं।
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