दुर्ग/छोटे बिरझर। दुर्ग जिले के छोटे बिरझर गांव में पिछले लगभग एक वर्ष से खुलेआम अवैध मुरुम उत्खनन किए जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार उत्खनन की गहराई 12 से 14 फीट तक पहुंच चुकी है। आरोप है कि प्रीतम यादव नामक व्यक्ति, जो खुद को जनप्रतिनिधि बताता है, रौब दिखाते हुए लगातार अवैध उत्खनन करा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये की शासकीय खनिज संपदा को अवैध रूप से बेच दिया गया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। मामले की जानकारी मिलने पर N भारत के पत्रकारों द्वारा खनिज विभाग से संपर्क कर पूछा गया कि संबंधित स्थल वैध लीज पर है या नहीं। इस पर खनिज विभाग के अधिकारी दीपक मिश्रा ने आधे घंटे में जानकारी देने की बात कही।
करीब डेढ़ घंटे बाद दोबारा संपर्क करने पर अधिकारी ने बताया कि उक्त स्थल किसी भी प्रकार की लीज पर स्वीकृत नहीं है तथा कार्रवाई के लिए टीम भेजी जा रही है। इसके बावजूद N भारत के पत्रकार मौके पर कार्रवाई टीम का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई भी टीम वहां नहीं पहुंची और अवैध उत्खनन लगातार जारी रहा।
मामले में अधिकारियों की ढीली कार्यप्रणाली और गैर-जिम्मेदाराना रवैये पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों में भारी नाराजगी है और लोगों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो यह अवैध खनन भविष्य में बड़े हादसे का कारण बन सकता है।
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