पेंड्रा/बिलासपुर।
एक ओर छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशभर में “सुशासन तिहार” मना रही है। मुख्यमंत्री अलग-अलग जिलों में पहुंचकर जनता दरबार लगा रहे हैं, लोगों की समस्याएं सुन रहे हैं और प्रशासनिक संवेदनशीलता का संदेश दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर बिलासपुर संभाग के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से सामने आई सनसनीखेज वारदात ने कानून व्यवस्था की हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
मंगलवार शाम पेंड्रा थाना क्षेत्र के कोटमी साप्ताहिक बाजार में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब भीड़भाड़ के बीच तीन हथियारबंद बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी उर्फ पप्पू पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पल्सर बाइक पर सवार तीन युवक सीधे कारोबारी के पास पहुंचे और सीने में गोली मार दी। गोली चलते ही बाजार में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
बताया जा रहा है कि आरोपी वारदात के बाद लाखों रुपये की लूट कर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब सरकार पूरे प्रदेश में “सुशासन” का संदेश देने में जुटी है, तब अपराधी खुलेआम भीड़भाड़ वाले बाजार में हत्या और लूट जैसी वारदात को अंजाम देकर फरार हो जा रहे हैं। यह सिर्फ एक व्यापारी की हत्या नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को अपराधियों की खुली चुनौती मानी जा रही है।
घटना के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश है। स्थानीय कारोबारियों का कहना है कि यदि भीड़भाड़ वाले बाजार में भी लोग सुरक्षित नहीं हैं, तो आम जनता आखिर भरोसा किस पर करे। कोटमी बाजार की यह वारदात अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है और प्रशासनिक दावों व जमीनी हकीकत के बीच का फर्क खुलकर सामने आ रहा है।
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