कोरबा। प्रदेश में गौण खनिजों के अवैध दोहन पर अंकुश लगाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक कार्रवाई की है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश तथा उप संचालक (खनि प्रशासन) के मार्गदर्शन में खनिज विभाग द्वारा विशेष जांच अभियान चलाया गया, जिसमें अवैध उत्खनन एवं परिवहन में संलिप्त लोगों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई।
15 क्षेत्रों में औचक जांच, 14 वाहन-मशीनें जब्त
खनिज विभाग द्वारा गठित दो विशेष उड़नदस्ता दलों ने जिले के 15 संवेदनशील क्षेत्रों में एक साथ छापेमार कार्रवाई की। जांच अभियान के दौरान सीतामढ़ी, कपाटमुड़ा, सुराकछार, नरईबोध, रैंकी, कुदुरमाल, बरमपुर, बांकीमोंगरा, सुमेधा, कुमगरी, घनाकछार, कटघोरा, कछार, दर्री एवं धवईपुर क्षेत्रों में सघन निरीक्षण किया गया।
कार्रवाई के दौरान अवैध खनन और परिवहन में उपयोग किए जा रहे कुल 14 वाहन एवं मशीनें जब्त की गईं, जिनमें—
01 चैन माउंटेड पोकलेन मशीन
09 ट्रैक्टर
02 हाइवा
02 टीपर वाहन
शामिल हैं।
विभिन्न थानों को सौंपी गई अभिरक्षा
जब्त वाहनों और मशीनों को नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई हेतु संबंधित थाना एवं जांच चौकियों की सुरक्षात्मक अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। इनमें कुसमुंडा थाना, हरदीबाजार थाना, दर्री थाना, बांकीमोंगरा थाना तथा खनिज जांच नाका उरगा शामिल हैं।
गौण खनिज नियमों के तहत होगी कठोर कार्रवाई
खनिज विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सभी मामलों में छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियमों एवं अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा रही है। अवैध उत्खनन, परिवहन और खनिज संपदा की चोरी में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों एवं वाहन स्वामियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक प्रकरण दर्ज किए जाएंगे।
प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस
प्रशासन के अनुसार अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना, भू-माफियाओं की गतिविधियों पर रोक लगाना, पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना तथा शासन को मिलने वाले राजस्व की हानि को रोकना है।
खनिज विभाग की चेतावनी
खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध यह विशेष अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी प्रकार की राहत नहीं दी जाएगी और उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनन में संलिप्त तत्वों में हड़कंप मच गया है, वहीं खनिज संपदा की सुरक्षा और राजस्व संरक्षण को लेकर शासन की मंशा भी स्पष्ट दिखाई दे रही है।
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