हसदेव ताप विद्युत गृह पर पर्यावरणीय कार्रवाई, ऐश डाइक से प्रदूषण फैलाने पर 27.60 लाख रुपये का जुर्माना

राखड़ डैम में दरार से फैला प्रदूषण, पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सीएसपीजीसीएल को ठहराया जिम्मेदार

कोरबा, 22 जून। हसदेव ताप विद्युत गृह (पूर्व) के ऐश डाइक (राखड़ डैम) में दरार आने और उससे निकले राख मिश्रित पानी से हुए गंभीर जल प्रदूषण के मामले में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने कड़ी कार्रवाई करते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) पर 27 लाख 60 हजार रुपये की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अधिरोपित की है।
पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ऐश डाइक में आई दरार के कारण बड़ी मात्रा में राखयुक्त पानी आसपास के क्षेत्रों और प्राकृतिक जल स्रोतों में फैल गया था। इससे जल प्रदूषण की गंभीर स्थिति उत्पन्न हुई और स्थानीय पर्यावरण तथा पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के क्षेत्रीय कार्यालय, कोरबा की टीम ने 18 मार्च 2026 को संयंत्र का निरीक्षण किया था। जांच के दौरान ऐश डाइक से लगातार राख रिसने और प्रदूषित पानी के बहाव की पुष्टि हुई। निरीक्षण रिपोर्ट में यह पाया गया कि संयंत्र प्रबंधन पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप प्रभावी नियंत्रण करने में विफल रहा।

जांच के बाद पर्यावरण मंडल ने जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम के प्रावधानों के तहत संयंत्र प्रबंधन को नोटिस जारी कर तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पर्यावरणीय क्षति का आकलन कर कंपनी पर 27.60 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति राशि निर्धारित की गई।

मंडल का कहना है कि यह कार्रवाई पर्यावरण संरक्षण नियमों के उल्लंघन और प्राकृतिक संसाधनों को हुए नुकसान की भरपाई के उद्देश्य से की गई है। साथ ही संयंत्र प्रबंधन को भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक तकनीकी एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इस कार्रवाई को क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों ने भी प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

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