"पुनर्वास पहले, विस्थापन बाद में" : टेलिंग डैम प्रभावितों के समर्थन में आयुक्त से मिला प्रतिनिधिमंडल


जगदलपुर, 10 जून। दंतेवाड़ा जिले के बचेली स्थित टेलिंग डैम-1 प्रभावित परिवारों के समर्थन में बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को बस्तर संभाग आयुक्त से मुलाकात कर विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) बचेली द्वारा जारी बेदखली आदेश पर तत्काल स्थगन लगाने तथा प्रभावित परिवारों के स्थायी पुनर्वास की मांग की।
मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि जन-सुरक्षा महत्वपूर्ण है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर केवल गरीब एवं आदिवासी परिवारों को हटाना उचित नहीं है। उन्होंने टेलिंग डैम की सुरक्षा, रखरखाव और संचालन के लिए जिम्मेदार संस्थाओं की जवाबदेही तय करने की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि यदि टेलिंग डैम वास्तव में जोखिमपूर्ण स्थिति में है तो पिछले कई दशकों से उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले विभागों एवं संस्थाओं की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। प्रतिनिधिमंडल ने एनएमडीसी की सुरक्षा ऑडिट रिपोर्ट, जोखिम मूल्यांकन रिपोर्ट, आपदा प्रबंधन योजना और अन्य तकनीकी दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की बेदखली कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों को भूमि, आवास, पेयजल, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सहित सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ सम्मानजनक एवं स्थायी पुनर्वास उपलब्ध कराया जाए।

इस दौरान नवनीत चाँद ने कहा कि "जन-सुरक्षा के नाम पर गरीबों को उजाड़ना समाधान नहीं है। पहले जिम्मेदार पक्षों की जवाबदेही तय होनी चाहिए।" वहीं जगदलपुर विधानसभा अध्यक्ष मेहताब सिंह ने कहा कि बिना पुनर्वास के विस्थापन सामाजिक न्याय की भावना के विपरीत है।

प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि बेदखली आदेश पर तत्काल रोक लगाकर उच्च स्तरीय तकनीकी एवं न्यायिक जांच कराई जाए तथा "पुनर्वास पहले, विस्थापन बाद में" के सिद्धांत के अनुरूप प्रभावित परिवारों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

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