अहिवारा विधानसभा में अवैध मुरूम खनन का खेल जारी, प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल



नंदिनी-अहिवारा। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में अवैध मुरूम खनन और परिवहन का मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। क्षेत्र के विभिन्न गांवों में नियमों को ताक पर रखकर भारी मशीनों से मुरूम का उत्खनन किए जाने के आरोप लग रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद प्रशासन और खनिज विभाग द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने से मिलीभगत की आशंकाएं बढ़ रही हैं।

जानकारी के अनुसार धमधा विकासखंड के ग्राम मेडेसरा, अहेरी, बिरेभाठ तथा गिरहोला-खपरी पंचायत क्षेत्र में बड़े पैमाने पर मुरूम उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। आरोप है कि कई स्थानों पर बिना आवश्यक खनन अनुमति के ही पंचायत प्रस्ताव के आधार पर उत्खनन शुरू कर दिया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम अहेरी में पंचायत से प्रस्ताव पारित कराकर मुरूम निकाला गया, जबकि खनिज विभाग से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई। इसी प्रकार गिरहोला-खपरी पंचायत क्षेत्र में भी पंचायत प्रस्ताव के आधार पर उत्खनन कर मुरूम का खुले बाजार में विक्रय किए जाने की बात सामने आ रही है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि संबंधित स्थल पर केवल सीमित मात्रा की रॉयल्टी के लिए आवेदन किया गया है, जबकि वास्तविकता में कई हजार घन मीटर मुरूम का उत्खनन कर परिवहन किया जा चुका है। ग्रामीणों के अनुसार बरसात शुरू होने के बाद ये गहरे गड्ढे पानी से भर जाएंगे, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है और ये स्थल "मौत के कुएं" में तब्दील हो सकते हैं।

अवैध खनन के कारण शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान की आशंका जताई जा रही है। वहीं ओवरलोड वाहनों के संचालन से ग्रामीण सड़कों को नुकसान पहुंच रहा है तथा धूल-मिट्टी के कारण पर्यावरण प्रदूषण भी बढ़ रहा है।

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि कई मामलों में 10 घन मीटर की रॉयल्टी लेकर 12, 14 और 16 चक्का वाहनों से 35 से 40 टन तक मुरूम का परिवहन किया जा रहा है। इससे शासन को रॉयल्टी और राजस्व के रूप में भारी नुकसान हो रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित अधिकारियों को कई बार शिकायतें दी गई हैं। उनका दावा है कि कुछ स्थानों का निरीक्षण भी किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे क्षेत्र में अवैध खनन करने वालों के हौसले और बढ़ते नजर आ रहे हैं।

ग्रामीणों ने प्रशासन और खनिज विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर तत्काल रोक लगाने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अब देखने वाली बात होगी कि बरसात से पहले प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है।

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