थाना घेराव के बाद दर्ज हुई एफआईआर, भूपेश बघेल के नेतृत्व में ग्रामीणों का प्रदर्शन


तिल्दा-नेवरा। ग्राम अल्दा और देवरी में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं से जुड़े कथित फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मामले में सोमवार को तिल्दा-नेवरा थाना परिसर के बाहर ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन के बाद पुलिस ने ग्राम अल्दा के तत्कालीन सरपंच एवं सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।


ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत अभिलेखों में कथित कूटरचना कर उद्योगों के पक्ष में एनओसी जारी की गई थी। इस मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर ग्राम अल्दा और देवरी के ग्रामीण पिछले एक वर्ष से आंदोलन कर रहे थे।


थाने के बाहर आयोजित धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने कहा कि कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की गई तो वे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।


प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे तथा प्रदर्शनकारियों से चर्चा की।


पुलिस के अनुसार, ग्राम अल्दा पंचायत से संबंधित जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तत्कालीन सरपंच और सचिव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। वहीं ग्राम देवरी पंचायत से संबंधित जांच रिपोर्ट अभी लंबित है।


पुलिस के आश्वासन के बाद भूपेश बघेल ने धरना समाप्त करने की घोषणा की, लेकिन स्पष्ट किया कि यदि देवरी पंचायत मामले में भी समयबद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।


प्रदर्शन में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। मामले को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल पुलिस द्वारा दर्ज प्रकरण की जांच जारी है।

N. भारत न्यूज | सच के साथ
संपादक : रविशंकर गुप्ता
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