जगदलपुर।
बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के बस्तर संभाग अध्यक्ष नवनीत चाँद ने बस्तर संभाग में कथित अनधिकृत प्लॉटिंग, बिना स्वीकृत लेआउट, संदिग्ध कॉलोनाइजेशन, मास्टर प्लान के विपरीत भूमि उपयोग तथा वर्षों से लंबित शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
जारी प्रेस विज्ञप्ति में नवनीत चाँद ने कहा कि Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016, छत्तीसगढ़ नगर एवं ग्राम निवेश अधिनियम, भू-राजस्व संहिता तथा अन्य संबंधित कानूनों का उद्देश्य पारदर्शी एवं नियमानुसार भूमि विकास सुनिश्चित करना है। यदि इन कानूनों के उल्लंघन की शिकायतें प्राप्त हुई हैं, तो उनकी निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करना शासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने मांग की कि वर्ष 2016 से अब तक बस्तर संभाग में विकसित सभी प्रमुख कॉलोनियों, कॉलोनाइजर लाइसेंस, लेआउट स्वीकृतियों, संदिग्ध रजिस्ट्रियों तथा लंबित शिकायतों का CG RERA, नगर एवं ग्राम निवेश विभाग (DTCP), राजस्व विभाग, उप-पंजीयक कार्यालय और जिला प्रशासन द्वारा संयुक्त तकनीकी, वित्तीय एवं प्रशासनिक ऑडिट कराया जाए।
नवनीत चाँद ने यह भी मांग की कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG), सड़क, पार्क और अन्य सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित भूमि की स्वतंत्र जांच कर यह सार्वजनिक किया जाए कि परियोजनाओं में स्वीकृति की शर्तों का पालन हुआ या नहीं।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(g), 21 एवं 300A नागरिकों को समानता, विधिसम्मत प्रक्रिया और संपत्ति के संरक्षण का अधिकार प्रदान करते हैं। ऐसे में शिकायतों को वर्षों तक लंबित रखना सुशासन की भावना के विपरीत है।
प्रमुख मांगें
- अनधिकृत प्लॉटिंग एवं लंबित शिकायतों की उच्चस्तरीय जांच।
- CG RERA, DTCP, राजस्व एवं पंजीयन विभाग की संयुक्त जांच समिति का गठन।
- वर्ष 2016 से अब तक की प्रमुख कॉलोनियों एवं कॉलोनाइजर लाइसेंस का तकनीकी, वित्तीय एवं प्रशासनिक ऑडिट।
- गरीबों के आवास एवं सार्वजनिक उपयोग हेतु आरक्षित भूमि की विशेष जांच।
- स्वीकृत एवं अस्वीकृत लेआउट तथा लंबित शिकायतों की स्थिति सार्वजनिक पोर्टल पर जारी की जाए।
- नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कानूनों के तहत निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
नवनीत चाँद ने कहा कि "बस्तर की जमीन जनता की धरोहर है। इसे किसी भी प्रकार की अपारदर्शिता, नियमों के संभावित उल्लंघन या प्रशासनिक निष्क्रियता का शिकार नहीं बनने दिया जाएगा।"
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि लंबित शिकायतों का शीघ्र निराकरण नहीं हुआ और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई, तो बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा एवं जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) बस्तर से रायपुर तक जन-जागरण अभियान, ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन, जनसुनवाई और लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगा।
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