बस्तर में ग्राम पंचायत तारागांव के कथित भ्रष्टाचार पर बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा का हमला, निष्पक्ष जांच की मांग

जगदलपुर। बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) ने ग्राम पंचायत तारागांव, जनपद पंचायत लोहंडीगुड़ा में वित्तीय वर्ष 2021-22 के दौरान आदर्श ग्राम योजना सहित विभिन्न विकास कार्यों में कथित वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।

मोर्चा के मुख्य संयोजक एवं संभागीय अध्यक्ष नवनीत चांद के नेतृत्व में कलेक्टर बस्तर, आयुक्त बस्तर संभाग, जिला पंचायत सीईओ, आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW), लोकायुक्त सहित अन्य अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में फर्जी माप पुस्तिका (एमबी), बिना कार्य कराए शासकीय राशि के आहरण और नियमों के विपरीत भुगतान किए जाने के आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।

संगठन का आरोप है कि विकास कार्यों में हुई कथित अनियमितताओं से शासन को आर्थिक नुकसान हुआ है और ग्रामीणों के विकास के अधिकार प्रभावित हुए हैं। इसलिए सभी निर्माण कार्यों का दोबारा मापन, गुणवत्ता परीक्षण और तकनीकी जांच कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

मोर्चा ने यह भी दावा किया कि इससे पहले भी कई बार लिखित शिकायतें और ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक किसी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

नवनीत चांद ने कहा कि उनका आंदोलन संविधान और कानून के दायरे में रहेगा। यदि इस बार भी कार्रवाई नहीं हुई या शिकायत को दबाने का प्रयास किया गया तो बस्तर अधिकार मुक्ति मोर्चा और जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेंगे, जिसमें ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन, जनजागरण अभियान और जिला मुख्यालय का शांतिपूर्ण घेराव शामिल होगा।

उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार के खिलाफ है। सरकारी योजनाओं का धन जनता की अमानत है और यदि उसका दुरुपयोग हुआ है तो दोषियों पर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

इस दौरान चित्रकोट विधानसभा अध्यक्ष कमल बघेल, ग्रामीण जिला अध्यक्ष संतु कश्यप, युवा अध्यक्ष सूरज कश्यप सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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