बिलासपुर। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी स्मार्ट सिटी परियोजना की पहली बड़ी परीक्षा मूसलाधार बारिश में होती दिखाई दी। कुछ घंटों की बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। निचली बस्तियों में घरों में पानी घुस गया, सड़कें जलमग्न हो गईं और कई स्थानों पर ट्रांसफार्मर पानी से घिर जाने से लोगों में करंट का भय बना रहा।
इसी बीच नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। आरोप है कि नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे के सरकारी आवास में पानी भरने के बाद निगम की पूरी मशीनरी वहां पानी निकासी में जुट गई। बताया जा रहा है कि हाई हॉर्स पावर पंप, मोटर, ट्रक और अन्य संसाधन आयुक्त के बंगले पर लगाए गए, जबकि शहर के कई इलाकों के लोग अपने घरों से स्वयं पानी निकालने को मजबूर रहे।
इस घटना के बाद लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि जब पूरा शहर जलभराव की समस्या से जूझ रहा था, तब नगर निगम की प्राथमिकता पूरे शहर की राहत थी या केवल वीआईपी आवास?
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