इस्लामाबाद: पाकिस्तान की सेना इस समय गंभीर आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रही है। बलूचिस्तान में अलगाववादी हमलों में तेजी आई है, जबकि खैबर पख्तूनख्वा में आतंकवादी गतिविधियां लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। इसके अलावा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओजेके) में स्थानीय विरोध प्रदर्शन भी सेना के लिए नई चुनौती बनकर उभरे हैं।
रिपोर्टों के अनुसार, सेना को एक साथ कई संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात करने पड़ रहे हैं, जिससे उसके संसाधनों और परिचालन क्षमता पर दबाव बढ़ रहा है। लगातार हमलों और विरोध प्रदर्शनों ने देश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था को और जटिल बना दिया है।
सुरक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि यदि इन क्षेत्रों की स्थिति में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो इसका असर पाकिस्तान की दीर्घकालिक सुरक्षा रणनीति और सैन्य तैयारियों पर पड़ सकता है। हालांकि, पाकिस्तान सरकार और सेना का कहना है कि हालात पर नियंत्रण के लिए सुरक्षा अभियान लगातार जारी हैं।
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