सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, फर्जी नियुक्ति पत्र बांटने वाला बर्खास्त सिपाही गिरफ्तार
महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में नौकरी का झांसा देकर ऐंठे लाखों रुपये, आरोपी के खिलाफ पहले से 8 आपराधिक मामले दर्ज
रायपुर। राजधानी रायपुर में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को सिटी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताकर अभ्यर्थियों को शासकीय विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया और फर्जी चयन सूची व नियुक्ति पत्र देकर उनसे मोटी रकम वसूल ली। न्यायालय में पेश करने के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस के अनुसार मामला थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र का है। शिकायत में बताया गया कि आरोपी ने अभ्यर्थियों को महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। उसने अपनी पहुंच और प्रभाव का हवाला देकर अभ्यर्थियों का विश्वास जीता और चयन प्रक्रिया पूरी होने का दावा करते हुए फर्जी चयन सूची एवं नियुक्ति पत्र सौंप दिए। नौकरी मिलने की उम्मीद में कई अभ्यर्थियों ने आरोपी को लाखों रुपये दे दिए। बाद में दस्तावेजों की जांच में पूरा फर्जीवाड़ा सामने आया।
शिकायत मिलने के बाद थाना सिटी कोतवाली पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर तकनीकी साक्ष्यों और दस्तावेजों के आधार पर जांच शुरू की। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने आरोपी मोहम्मद इमरान कादरी (37) को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक आरोपी मूल रूप से पेंशनबाड़ा, थाना कोतवाली रायपुर का निवासी है और वर्तमान में परसतराई रोड, धरसींवा में रह रहा था। वह पहले पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर पदस्थ था, लेकिन वर्तमान में बर्खास्त पुलिसकर्मी है। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले से जुआ और ठगी सहित कुल 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये मामले थाना सिविल लाइन, तेलीबांधा, सिमगा सहित अन्य थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और संभावित अन्य ठगी के मामलों की भी जांच कर रही है।
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सरकारी नौकरी दिलाने या भर्ती में चयन कराने के नाम पर किसी भी व्यक्ति के झांसे में न आएं। यदि कोई व्यक्ति नौकरी के बदले पैसे मांगता है, तो उसकी जानकारी संबंधित विभाग से सत्यापित करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या पुलिस हेल्पलाइन पर दें।
पुलिस कमिश्नरेट का कहना है कि आर्थिक अपराध और फर्जी दस्तावेजों के जरिए ठगी करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में आरोपी से पूछताछ जारी है, ताकि अन्य पीड़ितों और ठगी के नेटवर्क का भी पता लगाया जा सके।
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