आयुष्मान योजना में कथित अवैध वसूली: वीडियो साक्ष्य के बाद SVM हॉस्पिटल पर जांच तेज, रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
रायपुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के नाम पर कथित अवैध वसूली और मरीज के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोपों को लेकर बस स्टैंड के समीप स्थित SVM हॉस्पिटल एक बार फिर चर्चा में है। शिकायतकर्ता शिव दास माणिकपुरी द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और वीडियो साक्ष्यों के बाद प्रशासन ने मामले की जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, 22 जून को शिकायतकर्ता जिला कार्यालय में गठित जांच समिति के समक्ष उपस्थित हुए। इस दौरान उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और वीडियो साक्ष्य प्रस्तुत किए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आयुष्मान भारत योजना के पात्र होने तथा योजना के तहत निःशुल्क उपचार का अधिकार होने के बावजूद अस्पताल द्वारा उनसे कथित रूप से राशि वसूली गई। उनके द्वारा प्रस्तुत वीडियो में भी कथित रूप से धनराशि लिए जाने का दृश्य दिखाई देने का दावा किया गया है, जिसकी जांच की जा रही है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मामले में शिकायतकर्ता एवं अस्पताल प्रबंधन, दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। उपलब्ध दस्तावेजों, वीडियो साक्ष्यों तथा बयानों के आधार पर जांच जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच रिपोर्ट में यदि अवैध वसूली, नियमों के उल्लंघन अथवा मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की पुष्टि होती है, तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि न्याय की मांग को लेकर वह लगातार अधिकारियों के समक्ष अपनी शिकायत रख रहा है और निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा कर रहा है। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने अब तक मीडिया के समक्ष इस मामले पर विस्तार से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
उल्लेखनीय है कि आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। ऐसे में यदि जांच में लाभार्थियों से अवैध वसूली की पुष्टि होती है, तो यह योजना के नियमों और उसकी मूल भावना के विपरीत माना जाएगा।
फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक जांच जारी है और जिले की नजर जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी है। रिपोर्ट आने के बाद ही आरोपों की पुष्टि अथवा खंडन के साथ प्रशासन की अगली कार्रवाई स्पष्ट होगी।
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