"रायगढ़ के नागरा मुंडा में जंगल पर संकट! ग्रामीणों का आरोप- 2 साल से जारी पेड़ों की कटाई, आजीविका पर मंडरा रहा खतरा"

📍 तमनार (रायगढ़), छत्तीसगढ़ | एन. भारत न्यूज

रायगढ़ जिले के तमनार थाना क्षेत्र के नागडा मुंडा में पिछले लगभग दो वर्षों से बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिंदल कंपनी द्वारा करीब 100 एकड़ क्षेत्र में लगभग 50 हजार बड़े पेड़ों की कटाई की जा रही है, जिससे पूरे इलाके का जंगल तेजी से खत्म होता जा रहा है।


ग्रामीणों का कहना है कि उनका जीवन पूरी तरह जंगल पर निर्भर है। तेंदूपत्ता, महुआ, जंगली सब्जियां, कंद-मूल, सूखी लकड़ियां सहित अन्य वन उपज से ही सैकड़ों परिवारों का जीवन-यापन होता रहा है। उनका दावा है कि लगातार हो रही कटाई से उनके रोजगार, पर्यावरण और भविष्य पर गंभीर संकट खड़ा हो गया है।


ग्रामीणों का आरोप है कि वे पिछले दो वर्षों से जंगल बचाने के लिए लगातार विरोध कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उनका यह भी आरोप है कि शासन-प्रशासन कंपनी के पक्ष में खड़ा है और उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।


ग्रामीणों ने जंगल की कटाई पर तत्काल रोक लगाने, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा वन अधिकारों और आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।


अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या नागड़ा मुंडा के ग्रामीण अपने जंगल और अपने अधिकारों को बचा पाएंगे, या विकास परियोजनाओं की आड़ में उनका प्राकृतिक आशियाना हमेशा के लिए उजड़ जाएगा?

(नोट: समाचार में शामिल आंकड़े और आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि तथा संबंधित कंपनी एवं प्रशासन का पक्ष प्राप्त होना शेष है।)

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