बालोद जिला जेल का प्रहरी अचानक लापता, स्कूटी की डिक्की से मिला 4-5 पन्नों का पत्र; अधिकारियों पर गंभीर आरोप

बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिला जेल में तैनात एक प्रहरी के अचानक लापता होने से हड़कंप मच गया है। प्रहरी महेंद्र वर्मा 13 अगस्त को ड्यूटी पर जेल पहुंचे थे। कुछ समय बाद वे जेल परिसर से बाहर निकले, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटे। उनके लापता होने के बाद परिजनों ने बालोद थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है, लेकिन फिलहाल उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

भांजे को भेजा वीडियो, स्कूटी की डिक्की में पत्र होने की दी जानकारी

लापता होने से पहले महेंद्र वर्मा ने अपने भांजे को एक वीडियो भेजा था। वीडियो में उन्होंने बताया कि उनकी स्कूटी की डिक्की में एक जरूरी पत्र रखा हुआ है। इसके बाद जब परिजनों ने स्कूटी की डिक्की खोली तो वहां 4-5 पन्नों का एक पत्र और मोबाइल फोन मिला।

बताया जा रहा है कि यह पत्र कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के नाम लिखा गया था। पत्र सामने आने के बाद परिवार के लोग तत्काल बालोद थाने पहुंचे और महेंद्र वर्मा की गुमशुदगी दर्ज कराई।

बेटे के नाम लिखी भावुक बातें

पत्र की शुरुआत महेंद्र वर्मा ने अपने बेटे जयंत के नाम से की है। उन्होंने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और भविष्य में अपने पैरों पर खड़े होकर परिवार की जिम्मेदारी संभालने की बात लिखी है।

पत्र में उन्होंने अपने बच्चों के भविष्य को लेकर भी कई भावुक बातें लिखी हैं। उन्होंने एक बेटे को कलेक्टर और दूसरे को डॉक्टर बनाने का सपना बताया है। साथ ही बच्चों से परिवार का ध्यान रखने की अपील की है।

पत्नी और माता-पिता से मांगी माफी

महेंद्र वर्मा ने अपनी पत्नी किरण वर्मा और माता-पिता से भी माफी मांगी है। पत्र में उन्होंने कथित तौर पर लिखा कि वह अपने माता-पिता के बुढ़ापे का सहारा नहीं बन पाएंगे।

उन्होंने परिवार को बालोद से किसी दूसरी जगह शिफ्ट करने और बच्चों का अच्छे स्कूल में दाखिला कराने की अपील भी की है।

मानसिक तनाव और प्रताड़ना के गंभीर आरोप

पत्र में महेंद्र वर्मा ने मानसिक तनाव और कथित प्रताड़ना का भी उल्लेख किया है। उन्होंने एक वरिष्ठ अधिकारी सहित कुछ अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

पत्र में 12 अगस्त की शाम जेल में तलाशी के दौरान कथित तौर पर अमानवीय व्यवहार किए जाने का दावा भी किया गया है। उन्होंने मामले की जांच कराने और जेल परिसर के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने की मांग की है।

जेलर पर दबाव बनाने का आरोप

महेंद्र वर्मा ने जेलर एसके कुर्रे पर मानसिक प्रताड़ना और दबाव बनाने का आरोप लगाया है। पत्र में उन्होंने जेल के अंदर एक बंदी से मोबाइल फोन बरामद होने के मामले का भी जिक्र किया है।

उनका आरोप है कि मोबाइल मिलने की घटना की जिम्मेदारी अपने ऊपर लेने के लिए उन पर दबाव बनाया गया। हालांकि, पत्र में लगाए गए इन आरोपों की अभी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

जेलर और पुलिस ने क्या कहा?

जेलर एसके कुर्रे ने फिलहाल सिर्फ प्रहरी महेंद्र वर्मा के लापता होने की पुष्टि की है। वहीं एएसपी चंद्रकांत गवर्ना ने बताया कि मामले में गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है और पुलिस उनकी तलाश कर रही है।

गौरतलब है कि दिसंबर 2025 में भी जिला जेल परिसर से मोबाइल फोन बरामद होने की बात सामने आई थी। इसके बाद जेल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठे थे।

पुलिस जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर

फिलहाल महेंद्र वर्मा कहां हैं, यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस उनकी तलाश के साथ-साथ स्कूटी से मिले पत्र में लगाए गए आरोपों और घटनाक्रम की भी जांच कर रही है।

महेंद्र वर्मा के सकुशल मिलने और पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पत्र में लगाए गए आरोप फिलहाल आरोप मात्र हैं और उनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

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