देवा स्वीट्स से ₹22,500 की खाद्य सामग्री जब्त, दूसरे रेस्टोरेंट के एक ही फ्रीजर में वेज-नॉनवेज मिला
रायगढ़। शहर में खाद्य सुरक्षा नियमों की हकीकत जांचने निकली खाद्य एवं औषधि प्रशासन की टीम को कई प्रतिष्ठानों में नियमों की अनदेखी मिली। सोनूमुड़ा स्थित देवा स्वीट्स में पेड़ा, चमचम समेत अन्य मिठाइयों को दूध की जगह दूध पाउडर और वनस्पति तेल से तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई। वहीं सुभाष चौक स्थित ममता फैमली फाइन डाइन रेस्टोरेंट में शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री एक ही फ्रीजर में रखी मिली। दोनों प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया है।
देवा स्वीट्स में ₹22,500 की सामग्री जब्त
खाद्य विभाग की टीम ने देवा स्वीट्स का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पेड़ा, चमचम और अन्य मिठाइयों के निर्माण में दूध की जगह दूध पाउडर एवं वनस्पति तेल के इस्तेमाल की जानकारी सामने आई। टीम को मिठाइयों के पैकेट पर निर्माण तिथि, समाप्ति तिथि और पता जैसी आवश्यक जानकारी भी अंकित नहीं मिली।
कार्रवाई के दौरान करीब 15 पेटियों में रखी लगभग ₹22,500 कीमत की खाद्य सामग्री जब्त की गई। संचालक को साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश देते हुए 15 दिन का समय दिया गया है।
एक फ्रीजर में वेज और नॉनवेज
ममता फैमली फाइन डाइन रेस्टोरेंट के निरीक्षण में साफ-सफाई में कमी के साथ एक गंभीर लापरवाही सामने आई। यहां शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य सामग्री एक ही फ्रीजर में रखी मिली।
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन पर संचालक को नोटिस दिया गया। टीम ने तेल-ग्रेवी वेज का नमूना भी लिया है, जिसे जांच के लिए भेजा जाएगा।
अलंकार होटल से तीन सैंपल
अलंकार होटल में भी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई। संदेह के आधार पर बेसन पापड़ी, बूंदी लड्डू और कलाकंद के नमूने लिए गए हैं। इनकी जांच रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।
खाद्य कारोबारियों को सख्त निर्देश
अभिहित अधिकारी सुधा चौधरी के अनुसार सभी खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई रखने, वेज और नॉनवेज खाद्य सामग्री अलग रखने, खाद्य सामग्री को अखबार में न रखने और आवश्यक खाद्य लाइसेंस सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
The Big Shot के सवाल
मिठाइयों की गुणवत्ता की नियमित जांच कितनी होती है?
क्या सभी मिठाई दुकानों में इस्तेमाल होने वाले दूध, पाउडर और तेल की गुणवत्ता की जांच होती है?
क्या खाद्य पदार्थों पर अनिवार्य लेबलिंग की नियमित निगरानी की जाती है?
खाद्य सुरक्षा सिर्फ कार्रवाई तक सीमित नहीं रहनी चाहिए—उपभोक्ता की थाली तक सुरक्षित खाद्य सामग्री पहुंचना ही असली कसौटी है।
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