खरसिया। सिविल अस्पताल खरसिया में उपचार के दौरान तामेश्वर उर्फ प्रद्युम शर्मा की मौत के मामले में अब नया मोड़ सामने आया है। मृतक के पिता रावेन्द्र शर्मा ने स्वास्थ्य मंत्री एवं जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत देकर इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाया था। शिकायत में डॉ. विक्रम राठिया, डॉ. सजन अग्रवाल, स्टाफ नर्स सुमति लोहा (ओटी इंचार्ज) सहित अन्य स्टाफ पर सवाल उठाए गए थे।
शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच दल गठित कर मामले की जांच कराई गई। विभागीय कार्रवाई के तहत डॉ. विक्रम राठिया, स्टाफ नर्स सुमति लोहा एवं हर्षिता ध्रुव सहित संबंधित कर्मचारियों को अलग-अलग चिकित्सालयों में अटैच किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसी क्रम में स्टाफ नर्स सुमति लोहा को लैलूंगा के चिकित्सालय में अटैच किया गया और कार्रवाई के बाद उन्हें सिविल अस्पताल खरसिया से कार्यमुक्त किए जाने की बात कही गई है।
विभागीय कार्रवाई के बाद भी विवाद जारी
रावेन्द्र शर्मा का आरोप है कि विभागीय कार्रवाई के बाद भी सुमति लोहा सिविल अस्पताल परिसर स्थित क्वार्टर में रह रही हैं। उनका कहना है कि इसी दौरान उनके खिलाफ एसडीओपी खरसिया कार्यालय में एक आवेदन दिया गया है, जिससे वे और उनका परिवार मानसिक रूप से परेशान हैं।
रावेन्द्र शर्मा ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि इससे पहले भी सुमति लोहा उनकी चाय की दुकान पर आई थीं और उन्हें पैसे का प्रलोभन दिया गया था। इस संबंध में उनके द्वारा पूर्व में लिखित शिकायत किए जाने की बात भी कही गई है।
रावेन्द्र शर्मा का आरोप है कि उनके पुत्र की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बाद अब उन्हें बदले की भावना से परेशान किया जा रहा है और झूठे पुलिस प्रकरण में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। इन आरोपों को लेकर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से लिखित शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।
पहले भी शिकायतों का दावा
रावेन्द्र शर्मा ने अपनी शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि स्टाफ नर्स सुमति लोहा के खिलाफ पूर्व में भी शिकायतें सामने आ चुकी हैं। इनमें मरीजों से कथित रूप से पैसे मांगने तथा मरीजों के साथ अभद्र व्यवहार करने जैसे आरोप लगाए जाने का दावा किया गया है।
अब पूरे मामले में रावेन्द्र शर्मा की शिकायत पर पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई करता है, यह देखने वाली बात होगी। वहीं, लगाए गए आरोपों पर संबंधित नर्स एवं स्वास्थ्य विभाग का पक्ष सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
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