2.02 लाख के कंप्यूटर से ₹1.38 लाख की सेव-बूंदी तक—खरीद पर पंचायत के तर्क, दस्तावेजों पर अब निगाह
सचिव बोले—गुणवत्ता के आधार पर कंप्यूटर की कीमत उचित; सरपंच प्रतिनिधि ने मिठाई खरीदी को बताया जायज
शैलेश सिंह राजपूत/ब्यूरो चीफ
रायपुर/तिल्दा। तिल्दा जनपद क्षेत्र की ग्राम पंचायत टंडवा में पंचायत निधि से किए गए विभिन्न खर्चों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। कंप्यूटर-प्रिंटर की करीब ₹2.02 लाख की खरीदी और राष्ट्रीय पर्व के नाम पर लगभग ₹1.38 लाख की सेव-बूंदी/मिठाई खरीदी अब चर्चा के केंद्र में है। सवाल केवल खर्च की राशि का नहीं, बल्कि खरीदी की मात्रा, दर, प्रक्रिया और उपलब्ध दस्तावेजों का है।
कंप्यूटर-प्रिंटर पर ₹2.02 लाख खर्च, जवाब—गुणवत्ता
कंप्यूटर एवं प्रिंटर की खरीदी पर करीब ₹2.02 लाख खर्च होने की जानकारी सामने आई है। पंचायत सचिव तिजऊ यादव ने कीमत को उपकरण की गुणवत्ता और क्षमता के आधार पर उचित बताया है।
अब सवाल यह है कि खरीदे गए कंप्यूटर का मॉडल, कॉन्फिगरेशन, स्पेसिफिकेशन, बिल और बाजार दर से संबंधित तुलनात्मक दस्तावेज पंचायत के रिकॉर्ड में उपलब्ध हैं या नहीं। यदि ये दस्तावेज उपलब्ध हैं तो खरीदी की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
सेव-बूंदी/मिठाई पर ₹1.38 लाख—मात्रा और वितरण पर नजर
राष्ट्रीय पर्व के अवसर पर सेव-बूंदी/मिठाई की खरीदी पर करीब ₹1 लाख 38 हजार खर्च होने की जानकारी सामने आई है। इतनी राशि की खरीदी को लेकर अब इसकी मात्रा, प्रति किलो अथवा निर्धारित दर, विक्रेता तथा वितरण रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सरपंच योगिता कृष्णा वर्मा के प्रतिनिधि कृष्णा वर्मा ने खरीदी को जायज बताया है। पंचायत पक्ष का अपना तर्क है, लेकिन अब इस खर्च की वास्तविक स्थिति बिल-वाउचर, पंचायत प्रस्ताव और वितरण संबंधी रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी।
प्रति व्यक्ति ₹10 के प्रावधान का सवाल
पंचायती राज के नियमों में राष्ट्रीय पर्व आदि अवसरों पर मिठाई के लिए प्रति व्यक्ति ₹10 के प्रावधान का उल्लेख किए जाने के बाद अब टंडवा पंचायत की वास्तविक आबादी भी चर्चा में है।
यदि उदाहरण के तौर पर पंचायत की आबादी करीब 8,000 मानी जाए, तो ₹10 प्रति व्यक्ति के हिसाब से राशि लगभग ₹80,000 बनती है। वहीं सामने आई ₹1.38 लाख की खरीदी की राशि से करीब ₹58,000 का अंतर दिखाई देता है।
हालांकि यह अंतर वास्तविक रूप से नियमों के विपरीत खर्च है या नहीं, यह पंचायत की वास्तविक आबादी, लागू प्रावधान, स्वीकृति, खरीदी की मात्रा और संबंधित शासकीय रिकॉर्ड की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
खर्च का हिसाब—अब इन सवालों के जवाब जरूरी
| खर्च | सामने आई राशि | प्रमुख सवाल |
|---|---|---|
| कंप्यूटर-प्रिंटर | करीब ₹2.02 लाख | मॉडल, स्पेसिफिकेशन, बिल और बाजार दर क्या थी? |
| सेव-बूंदी/मिठाई | करीब ₹1.38 लाख | मात्रा, दर, विक्रेता और वितरण रिकॉर्ड क्या है? |
| राष्ट्रीय पर्व मद | नियम/स्वीकृति के अनुसार | पंचायत की वास्तविक आबादी कितनी है और किस आधार पर राशि तय हुई? |
बयान से ज्यादा महत्वपूर्ण होंगे दस्तावेज
पंचायत सचिव की ओर से कंप्यूटर की कीमत को गुणवत्ता के आधार पर उचित बताया गया है, जबकि सरपंच प्रतिनिधि ने सेव-बूंदी की खरीदी को जायज बताया है। ऐसे में अब पूरे मामले में बयान से ज्यादा महत्व आधिकारिक दस्तावेजों का हो जाता है।
बिल-वाउचर, पंचायत प्रस्ताव, प्रशासनिक/वित्तीय स्वीकृति, भुगतान रिकॉर्ड, खरीदी प्रक्रिया, सामग्री की मात्रा, विक्रेता और वितरण संबंधी दस्तावेज सामने आने पर खर्च की वास्तविक तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
सबसे बड़ा सवाल—₹1.38 लाख की मिठाई आखिर कितनी थी?
राष्ट्रीय पर्व पर करीब ₹1.38 लाख की सेव-बूंदी/मिठाई खरीदी गई तो उसकी कुल मात्रा कितनी थी? प्रति किलो या प्रति पैकेट दर क्या थी? किस विक्रेता से खरीदी गई? कितने लोगों में इसका वितरण हुआ और उसका रिकॉर्ड कहां है?
इसी तरह कंप्यूटर-प्रिंटर के मामले में भी केवल गुणवत्ता का दावा पर्याप्त नहीं होगा। मॉडल, स्पेसिफिकेशन, बिल और उस समय की बाजार दर से खरीदी की कीमत की तुलना होने पर ही तस्वीर साफ होगी।
अब दस्तावेज बताएंगे पूरी कहानी
टंडवा पंचायत में उठे सवालों का अंतिम जवाब आरोप-प्रत्यारोप से नहीं, बल्कि पंचायत के आधिकारिक रिकॉर्ड और निर्धारित प्रक्रिया की जांच से सामने आएगा। यदि सभी खरीदारियां नियमों के अनुरूप हुई हैं तो दस्तावेज स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। वहीं रिकॉर्ड और वास्तविकता में अंतर पाए जाने पर संबंधित स्तर पर जांच का विषय बन सकता है।
फिलहाल सवाल यही है—खर्च हुआ कितना, सामान आया कितना और हिसाब है कितना?
अब दस्तावेज बताएंगे कि ग्राम पंचायत टंडवा की वास्तविक आबादी कितनी है और ₹1.38 लाख की मिठाई खरीदी किस आधार पर की गई। आगामी अंकों में ग्राम पंचायत टंडवा से जुड़े अन्य खर्चों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पड़ताल जारी रहेगी।
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